शिप नेम लैब
दो नाम अंदर। एक जोड़ी का नाम बाहर।
दो नाम बीकर में डालिए और लैब उन्हें मिलाकर एक शिप नेम बना देगी, मिश्रण को 100 में से नंबर देगी, और दो विकल्प भी सुझाएगी — अगर पहला नाकाबिल-ए-माफ़ी निकले।
शिप नेम लैब — कैसे काम करता है
- 1
दोनों नाम लिखिए — पहले नाम सबसे अच्छे चलते हैं, निकनेम सबसे मज़ेदार।
- 2
मिलाइए दबाइए और लैब को दोनों आधे हिस्से जोड़ने दीजिए।
- 3
शिप नेम, रेटिंग और दो विकल्प पढ़िए।
- 4
कार्ड शेयर कीजिए, फिर बहस कीजिए कि असल में कौन-सा नाम बेहतर था।
जो सवाल सच में पूछे जाते हैं
शिप नेम बनता कैसे है?
लैब दोनों नामों को बीच से काटती है और उल्टा जोड़ती है, आधे हिस्सों के सारे मेल आज़माती है, दोहराए अक्षर साफ़ करती है, और फिर उनमें से एक चुन लेती है।
क्या वही शिप नेम दोबारा मिलेगा?
हाँ। एक ही जोड़ी नामों से हमेशा वही नाम और वही रेटिंग बनती है, किसी भी क्रम में — इसलिए आपका भेजा कार्ड सामने वाले को भी वैसा ही दिखता है।
विकल्प क्यों दिए जाते हैं?
क्योंकि आधा मज़ा तो लैब से असहमत होने में है। बाकी विकल्प उन्हीं दो नामों के दूसरे मेल हैं।
क्या दो से ज़्यादा नाम चलेंगे?
अभी नहीं — दो नाम अंदर, एक शिप बाहर। दोस्तों का मामला उलझा हो तो दो बार चलाइए।